Wednesday, 26 July 2017, 5:56 PM

टाईम पास

वक्त बहुत गुजारा मैनें...

Updated on 20 April, 2017, 23:45
वक्त बहुत गुजारा मैनें, खो दिया वो समय कुछ ही क्षण मे| वक्त का कैहर देखो  मुझपर क्षण क्षण भारी सा है शहर में | खुली किताब न ज़िंदगी की पृष्ठ रंग देखा हर क्षण, वक्त भी सलाह करता नही किसी से बदल गया एक क्षण में | मुठ्ठी मे बंदकर समय रखा था,... आगे पढ़े

किसी को ये लग सकता है कि दुनिया केवल जानवरों के लिए है

Updated on 6 April, 2017, 13:58
हम च्जीवन की लयज् की बातें करते हैं और कई बार अफसोस जताते हैं कि हमारे समय में ये खो चुकी है। जीवन की यही लय पूरे विश्व में कविता के बीज रोपती है। अगर ये लय न होती तो कविता न होती। कविता में अक्सर जीवन की ये लय... आगे पढ़े

मुल्ला का प्रवचन

Updated on 1 March, 2017, 13:49
एक बार मुल्ला नसरुदीन को प्रवचन देने के लिए आमंत्रित किया गया . मुल्ला समय से पहुंचे और स्टेज पर चढ़ गए , “ क्या आप जानते हैं मैं क्या बताने वाला हूँ ? मुल्ला ने पूछा . “नहीं ” बैठे हुए लोगों ने जवाब दिया . यह सुन मुल्ला नाराज़ हो... आगे पढ़े

थोड़ी सी बुद्धिमानी कर देती है हर समस्या का हल, आप में है ये हुनर

Updated on 20 February, 2017, 9:11
मध्य पूर्वी देश से एक ईरानी शेख व्यापारी महाराज कृष्णदेव राय का अतिथि बन कर आता है। महाराज अपने अतिथि का सत्कार बड़े भव्य तरीके से करते हैं और उसके अच्छे खाने व रहने का प्रबंध करते हैं तथा साथ ही कई अन्य सुविधाएं भी प्रदान करते हैं। एक दिन भोजन... आगे पढ़े

बर्थडे स्पेशलः पाकिस्तान में पैदा हुए भगत सिंह की 10 अनकही बातें

Updated on 28 September, 2016, 13:40
शहीद-ए-आजम भगत सिंह का आज 110वां जन्मदिवस है। इस मौके पर आइए आपको बताते हैं, उनके जीवन से जुड़ी 10 अनकहीं बातें। भगत सिंह का जन्म 28 सितंबर, 1907 को ब्रिटिश भारत के पंजाब प्रांत के लायलपुर जिले (अब पाकिस्‍तान) के बंगा गांव में एक सिख परिवार में हुआ था। हालांकि... आगे पढ़े

ये सितारों से भरा आसमा इतना खमोश क्यों है,

Updated on 27 August, 2016, 20:37
ये सितारों से भरा आसमा इतना खमोश क्यों है, ये चाँद सा चेहरा इतना खमोश क्यों है । तेरी चँचलता दिखती है मुझे तेरी आँखों मे, तेरी नादानियाँ दिखती है मुझे तेरी बातों में। तू हँसती है खिलखिला कर, लेकिन तेरा मन इतना खमोश क्यों है। क्या हुनर है तुझमें खुद का गम छुपाकर औरों... आगे पढ़े

"हाॅर्न धीरे बजाओ मेरा 'देश' सो रहा है"...!!!

Updated on 9 August, 2016, 10:29
एक ट्रक के पीछे लिखी ये पंक्ति झकझोर गई...!! "हाॅर्न धीरे बजाओ मेरा 'देश' सो रहा है"...!!! उस पर एक कविता इस प्रकार है कि..... 'अँग्रेजों' के जुल्म सितम से...   फूट फूटकर 'रोया' है...!! 'धीरे' हाॅर्न बजा रे पगले....     'देश' हमारा सोया है...!! आजादी संग 'चैन' मिला है... 'पूरी' नींद से सोने दे...!! जगह मिले वहाँ 'साइड' ले ले... हो 'दुर्घटना'... आगे पढ़े

शिकायत करूँ तुझसे या तेरा शुक्रिया करूँ

Updated on 8 July, 2016, 18:51
शिकायत करूँ तुझसे या तेरा शुक्रिया करूँ। कभी आसमां दिखा देता है,और कभी जमी पर गिरा देता है। अकसर ये तेरी इनायत का तुफान मुझे,किनारे से मजधार पर ला देता है। कभी छमछम करती बारिश तन को भिगा जाती है, तो कभी चिलचिलाती धूप से मन को जला देता है। अकसर ये तेरी इनायत का... आगे पढ़े

तो एक पतले धागे जितनी है जिंदगी की सच्‍चाई

Updated on 6 July, 2016, 21:45
एक सम्राट अपने वजीर पर नाराज हो गया। और उसने वजीर को आकाश-छूती एक मीनार में कैद कर दिया। वहां से कूद कर भागने का कोई उपाय न था। कूद कर भागता तो प्राण ही खो जाते। लेकिन वजीर जब कैद किया जा रहा था, तब उसने अपनी पत्नी के... आगे पढ़े

इकलौता अंग्रेज जिसने रानी लक्ष्मीबाई को देखा...हैरान होकर बोला कि…!

Updated on 5 June, 2016, 11:24
भारतीय परंपराएं थीं या इत्तेफाक कि रानी लक्ष्मीबाई को रूबरू देखने का सौभाग्य बस एक गोरे आदमी को मिला। अंग्रेजों के खिलाफ जिंदगी भर जंग लड़ने वालीं और जंग के मैदान में ही लड़ते-लड़ते जान देने वालीं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को बस एक अंग्रेज ने देखा था। ये अंग्रेज... आगे पढ़े

जब गांधी जी की हो गई थी बोलती बंद, कांपने लगे थे हाथ-पैर...

Updated on 21 May, 2016, 17:24
बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि अपने शुरुआती समय में राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी बेहद शर्मीले स्‍वभाव के थे, वे न केवल दूसरों से बात करने में बल्‍कि कुछ कहने, आने-जाने में भी संकोच करते थे। गांधी जी का अध्‍ययन काफी था और वे कई किताबों के जरिये लगातार नित्... आगे पढ़े

इस भारतीय योद्धा के नाम से सपने में भी कांपता था अकबर....

Updated on 11 May, 2016, 1:45
यूं तो हिंदुस्‍तान की सरजमीं पर एक से एक जाबांज योद्धा, और रणबांकुरे हुए, जिन्‍होंने अपनी तलवार के बल पर बाहरी आक्रांताओं, विदेशी शत्रुओं से अपनी मातृभूमि की रक्षा की। मुगलों सहित विदेशियों के सत्‍ता विस्‍तार को रोकने में अपनी वीरता और हिम्‍मत का बेहद साहसी परिचय दिया। फिर चाहे... आगे पढ़े

काशी के चंदन में है मदीने की वो खुशबू।

Updated on 6 October, 2015, 14:13
काशी के चंदन में है मदीने की वो खुशबू। दुनिया की हर रौनक को मैं नाम तुम्हारे कर दूं। वो मुट्ठी भर उम्मीदें वो गहरे गम के साए। वो छितरी धूप सुनहरी और लंबी-लंबी राहें। लब पर नाम हो रब का जब सफर खत्म हो जाए। तेरी मिट्टी पाक मदीने तेरा कण-कण पावन काशी। जन्नत को मैं क्या चाहूं बस नाम तुम्हारा कह... आगे पढ़े

शपथ

Updated on 20 May, 2015, 9:05
जिसकी खातिर उसने सपने देखे, कमरे को घर बनाया, उसी ने ऐसा धोखा दिया कि सीने में ज्वालामुखी लिए वह बरसों तक उसकी तलाश में भटकता रहा। उस बेवफा को मार देना चाहता था वह। मगर एक दिन वह सामने आई तो चाह कर भी उसे न मार सका...। नया घर... आगे पढ़े